सुबह उठते ही करने चाहिए अपनी हथेलियों के दर्शन, जानिए क्यों ?

सुबह उठते ही करने चाहिए अपनी हथेलियों के दर्शन, जानिए क्यों ?

सुबह आप जब भी नींद से जागो तो सबसे पहले आप अपनी दोनों हथेलियों को मिलाकर उसे पुस्तक की तरह खोलें और यह श्लोक पढ़ते हुए हथेलियों के दर्शन कीजिए :-

कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती।
कर मूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते कर दर्शनम्॥

अर्थात :- हमारे हाथ के अग्रभाग में लक्ष्मी माता का, मध्य भाग में सरस्वती और मूल भाग में ब्रह्मा जी का निवास होता है।

हथेलियों के दर्शन करते समय एक और भी मंत्र बोला जा सकता है :-

कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम ॥

अर्थात :- हाथ के अग्रभाग में लक्ष्मी का, मध्य भाग में सरस्वती का और मूल भाग में भगवान विष्णु का निवास होता है।

हथेलियों के दर्शन का मतलब यह है कि हम अपने कर्म पर विश्वास करें हमें भगवान से ऐसी प्रार्थना करनी चाहिए कि हम ऐसे कर्म करें जिससे हमें जीवन में सुख धन और ज्ञान की प्राप्ति हो हमारे हाथों से ऐसा कर्म हो जिसके कारण दूसरों का कल्याण हो सके हमारे हाथों से किसी का बुरा ना हो।

हमें हथेलियों के दर्शन करते समय मन में संकल्प लेना चाहिए कि मैं परिश्रम कर दरिद्रता और अज्ञान को दूर करूंगा और अपना और दूसरों का कल्याण करूंगा ।
 

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